
आज की शिक्षा विद्यार्थियों को पढ़ा रही है या केवल परीक्षा के लिए तैयार कर रही है?
आज शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक और डिग्री प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने, सही निर्णय लेने, समस्याओं का समाधान खोजने और अपनी वास्तविक क्षमताओं को पहचानने के लिए तैयार करना भी जरूरी है। क्या हमारी शिक्षा व्यवस्था इस दिशा में आगे बढ़ रही है?


